Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.77.38-39: हे भरत! भीमसेन ने युद्ध से पीछे न हटने वाले दस हजार हाथियों, दो लाख दो सौ पैदल सैनिकों, पाँच हजार घोड़ों और एक सौ रथों का नाश करके वहाँ रक्त की नदी बहा दी।   |   mahabharat अध्याय 8.77: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव-सेनाका संहार तथा भीमसेनसे शकुनिकी पराजय एवं दुर्योधनादि धृतराष्ट्रपुत्रोंका सेनासहित भागकर कर्णका आश्रय लेना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 77: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव-सेनाका संहार तथा भीमसेनसे शकुनिकी पराजय एवं दुर्योधनादि धृतराष्ट्रपुत्रोंका सेनासहित भागकर कर्णका आश्रय लेना  »  श्लोक 38-39
 
 
श्लोक  8.77.38-39 
हत्वा दशसहस्राणि गजानामनिवर्तिनाम्।
नृणां शतसहस्रे द्वे द्वे शते चैव भारत॥ ३८॥
पञ्च चाश्वसहस्राणि रथानां शतमेव च।
हत्वा प्रास्यन्दयद् भीमो नदीं शोणितवाहिनीम्॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
हे भरत! भीमसेन ने युद्ध से पीछे न हटने वाले दस हजार हाथियों, दो लाख दो सौ पैदल सैनिकों, पाँच हजार घोड़ों और एक सौ रथों का नाश करके वहाँ रक्त की नदी बहा दी।
 
Bharata! Having destroyed ten thousand elephants, two lakh and two hundred foot soldiers, five thousand horses and one hundred chariots who did not retreat from the battle, Bhimasena caused a river of blood to flow there. 38-39.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)