Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.77.37: यह देखकर भीमसेन ने अपने मुड़े हुए गांठ वाले बाणों से उस विशाल सेना को भेद दिया और घेरे से बाहर निकल आये, जैसे जल में डाले गये जाल को भेदकर मछलियाँ निकल जाती हैं। | mahabharat अध्याय 8.77: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव-सेनाका संहार तथा भीमसेनसे शकुनिकी पराजय एवं दुर्योधनादि धृतराष्ट्रपुत्रोंका सेनासहित भागकर कर्णका आश्रय लेना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह देखकर भीमसेन ने अपने मुड़े हुए गांठ वाले बाणों से उस विशाल सेना को भेद दिया और घेरे से बाहर निकल आये, जैसे जल में डाले गये जाल को भेदकर मछलियाँ निकल जाती हैं।
Seeing this, Bhimasena pierced that huge army with his arrows having bent knots and came out of the encirclement just as some fishes escape after piercing the net cast in the water.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥