श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 77: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव-सेनाका संहार तथा भीमसेनसे शकुनिकी पराजय एवं दुर्योधनादि धृतराष्ट्रपुत्रोंका सेनासहित भागकर कर्णका आश्रय लेना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  8.77.26 
तेनार्द्यमाना राजेन्द्र सेना तव विशाम्पते।
व्यभ्रश्यत महाराज भिन्ना नौरिव सागरे॥ २६॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! हे प्रजानाथ! हे राजन! उनसे पीड़ित होकर आपकी सेना समुद्र में टूटे हुए जहाज के समान भटकने लगी॥ 26॥
 
O King! O Prajanath! O King! Your army, afflicted by them, began to go astray like a ship wrecked in the sea.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)