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श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 77: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव-सेनाका संहार तथा भीमसेनसे शकुनिकी पराजय एवं दुर्योधनादि धृतराष्ट्रपुत्रोंका सेनासहित भागकर कर्णका आश्रय लेना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  8.77.23 
तं तु शब्दमभिश्रुत्य भीमसेनो महाबल:।
बभूव परमप्रीत: पार्थदर्शनलालस:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
ये शब्द सुनकर महाबली भीमसेन अत्यन्त प्रसन्न हुए और अर्जुन से मिलने की इच्छा करने लगे।
 
Hearing those words, the mighty Bhimasena became very happy and desired to see Arjuna. 23.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)