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mahabharat 8.77.16: तब अर्जुन ने अपने बाणों से शत्रुओं के हजारों रथों, हाथियों और घोड़ों को यमलोक भेजना आरम्भ कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 8.77: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव-सेनाका संहार तथा भीमसेनसे शकुनिकी पराजय एवं दुर्योधनादि धृतराष्ट्रपुत्रोंका सेनासहित भागकर कर्णका आश्रय लेना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 77: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव-सेनाका संहार तथा भीमसेनसे शकुनिकी पराजय एवं दुर्योधनादि धृतराष्ट्रपुत्रोंका सेनासहित भागकर कर्णका आश्रय लेना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  8.77.16 
ततोऽर्जुन: सहस्राणि रथवारणवाजिनाम्।
प्रेषयामास विशिखैर्यमस्य सदनं प्रति॥ १६॥
 
 
अनुवाद
तब अर्जुन ने अपने बाणों से शत्रुओं के हजारों रथों, हाथियों और घोड़ों को यमलोक भेजना आरम्भ कर दिया।
 
Then Arjuna began sending thousands of enemy chariots, elephants and horses to Yamaloka with his arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)