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mahabharat 8.77.14: परंतु जैसे आँधी बादलों को तितर-बितर कर देती है, वैसे ही अर्जुन ने बाणों की वर्षा से उन समस्त योद्धाओं को नष्ट कर दिया, जिन्होंने उस पर आक्रमण किया था॥14॥   |   mahabharat अध्याय 8.77: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव-सेनाका संहार तथा भीमसेनसे शकुनिकी पराजय एवं दुर्योधनादि धृतराष्ट्रपुत्रोंका सेनासहित भागकर कर्णका आश्रय लेना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 77: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव-सेनाका संहार तथा भीमसेनसे शकुनिकी पराजय एवं दुर्योधनादि धृतराष्ट्रपुत्रोंका सेनासहित भागकर कर्णका आश्रय लेना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  8.77.14 
तेषामापततां तत्र शरवर्षाणि मुञ्चताम्।
अर्जुनो व्यधमत् सैन्यं महावातो घनानिव॥ १४॥
 
 
अनुवाद
परंतु जैसे आँधी बादलों को तितर-बितर कर देती है, वैसे ही अर्जुन ने बाणों की वर्षा से उन समस्त योद्धाओं को नष्ट कर दिया, जिन्होंने उस पर आक्रमण किया था॥14॥
 
But just as a storm scatters the clouds, Arjuna destroyed all those warriors who attacked him with a shower of arrows. ॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)