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mahabharat 8.77.1: संजय कहते हैं - हे राजन! युद्धस्थल में शत्रुओं के रथों की घरघराहट और सिंहों की गर्जना सुनकर अर्जुन ने श्रीकृष्ण से कहा - 'भगवन्! घोड़ों को शीघ्रता से हाँकें।'   |   mahabharat अध्याय 8.77: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव-सेनाका संहार तथा भीमसेनसे शकुनिकी पराजय एवं दुर्योधनादि धृतराष्ट्रपुत्रोंका सेनासहित भागकर कर्णका आश्रय लेना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 77: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव-सेनाका संहार तथा भीमसेनसे शकुनिकी पराजय एवं दुर्योधनादि धृतराष्ट्रपुत्रोंका सेनासहित भागकर कर्णका आश्रय लेना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  8.77.1 
संजय उवाच
श्रुत्वा तु रथनिर्घोषं सिंहनादं च संयुगे।
अर्जुन: प्राह गोविन्दं शीघ्रं नोदय वाजिन:॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - हे राजन! युद्धस्थल में शत्रुओं के रथों की घरघराहट और सिंहों की गर्जना सुनकर अर्जुन ने श्रीकृष्ण से कहा - 'भगवन्! घोड़ों को शीघ्रता से हाँकें।'
 
Sanjaya says - O King! On hearing the rattling sound of the enemy's chariots and the roar of lions on the battlefield, Arjuna said to Shri Krishna - 'Lord! Drive the horses quickly.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)