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mahabharat 8.76.9-10h: भरत! तत्पश्चात्, युद्धस्थल में महाबली भीमसेन द्वारा जलाई गई कौरव सेना भयभीत होकर सब दिशाओं में तितर-बितर हो गई। जैसे आँधी बादलों को छिन्न-भिन्न कर देती है, उसी प्रकार भीमसेन ने आपके सैनिकों को मारकर भगा दिया था॥9 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 8.76: भीमसेनका अपने सारथि विशोकसे संवाद   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 76: भीमसेनका अपने सारथि विशोकसे संवाद  »  श्लोक 9-10h
 
 
श्लोक  8.76.9-10h 
ततो बलं भारत भारतानां
प्रदह्यमानं समरे महात्मना॥ ९॥
भीतं दिशोऽकीर्यत भीमनुन्नं
महानिलेनाभ्रगणा यथैव।
 
 
अनुवाद
भरत! तत्पश्चात्, युद्धस्थल में महाबली भीमसेन द्वारा जलाई गई कौरव सेना भयभीत होकर सब दिशाओं में तितर-बितर हो गई। जैसे आँधी बादलों को छिन्न-भिन्न कर देती है, उसी प्रकार भीमसेन ने आपके सैनिकों को मारकर भगा दिया था॥9 1/2॥
 
Bharata! Thereafter, the Kaurava army, being burnt by the mighty Bhimasena in the battlefield, got frightened and dispersed in all directions. Just as a storm shatters the clouds, in the same way Bhimasena had killed and driven away your soldiers.॥9 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)