Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.76.4: वे सब ओर से बाणों की वर्षा करके भीमसेन के अत्यन्त वेगवान एवं उत्तम रथ पर आक्रमण करने लगे; किन्तु महाहृदयी भीमसेन ने अपनी ओर आने वाले उन बाणों को सुवर्णमय पंख वाले बाणों से काट डाला। | mahabharat अध्याय 8.76: भीमसेनका अपने सारथि विशोकसे संवाद । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीमस्य वाहाग्रॺमुदारवेगं
समन्ततो बाणगणैर्निजघ्नु:।
तत: शरानापततो महात्मा
चिच्छेद बाणैस्तपनीयपुङ्खै:॥ ४॥
अनुवाद
वे सब ओर से बाणों की वर्षा करके भीमसेन के अत्यन्त वेगवान एवं उत्तम रथ पर आक्रमण करने लगे; किन्तु महाहृदयी भीमसेन ने अपनी ओर आने वाले उन बाणों को सुवर्णमय पंख वाले बाणों से काट डाला।
They began to attack Bhimasena's extremely fast and excellent chariot with a shower of arrows from all sides; but the great-hearted Bhimasena cut those arrows coming towards him with arrows having golden feathers.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥