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mahabharat 8.76.39: यह विचित्र ग्रह के समान दिखने वाला पराक्रमी अर्जुन कौरवों का संहार करता हुआ आपकी ओर आ रहा है। अब आपकी मनोकामना पूर्ण हो गई है। आपके शत्रु मारे जा चुके हैं। इस समय आपकी आयु और बल दीर्घकाल तक बढ़ते रहें। 39.   |   mahabharat अध्याय 8.76: भीमसेनका अपने सारथि विशोकसे संवाद   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 76: भीमसेनका अपने सारथि विशोकसे संवाद  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  8.76.39 
अयं समभ्येति तवान्तिकं बली
निघ्नन् कुरूंश्चित्र इव ग्रहोऽर्जुन:।
समृद्धकामोऽसि हतास्तवाहिता
बलं तवायुश्च चिराय वर्धताम्॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
यह विचित्र ग्रह के समान दिखने वाला पराक्रमी अर्जुन कौरवों का संहार करता हुआ आपकी ओर आ रहा है। अब आपकी मनोकामना पूर्ण हो गई है। आपके शत्रु मारे जा चुके हैं। इस समय आपकी आयु और बल दीर्घकाल तक बढ़ते रहें। 39.
 
This powerful Arjuna, who looks like a strange planet, is coming towards you killing the Kauravas. Now your wish has been fulfilled. Your enemies have been killed. At this time, may your strength and age increase for a long time. 39.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)