श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 76: भीमसेनका अपने सारथि विशोकसे संवाद  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  8.76.27 
हाहाकृताश्चैव रणे विशोक
मुञ्चन्ति नादान् विपुलान् गजेन्द्रा:॥ २७॥
 
 
अनुवाद
विशोक! युद्धभूमि में चारों ओर कोलाहल मचा हुआ है। अनेक हाथी जोर-जोर से चिंघाड़ रहे हैं।
 
Vishoka! There is uproar all over the battlefield. Many elephants are screaming loudly.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)