श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 76: भीमसेनका अपने सारथि विशोकसे संवाद  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  8.76.24 
पश्य ध्वजांश्च द्रवतो विशोक
नागान् हयान् पत्तिसंघांश्च संख्ये।
रथान् विकीर्णान् शरशक्तिताडितान्
पश्यस्वैतान् रथिनश्चैव सूत॥ २४॥
 
 
अनुवाद
विशोक! युद्धस्थल में दौड़ते हुए रथों की ध्वजाओं, हाथियों, घोड़ों और पैदलों को देखो। सूत! बाणों और शक्ति से पीड़ित होकर बिखरे पड़े हुए इन रथों और सारथिओं को देखो।
 
Vishoka! Look at the chariots' flags, elephants, horses and infantry running on the battlefield. Suta! Look at these chariots and charioteers lying scattered after being tormented by arrows and Shakti. 24.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)