Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.76.15-d1: सूत! तुम मेरे रथ पर रखे हुए बाणों के समस्त तरकशों को अच्छी तरह देखो और उन्हें भली-भाँति समझकर मुझे बताओ कि अब उनमें कितने बाण शेष हैं? किस-किस प्रकार के बाण शेष हैं और उनकी संख्या कितनी है? सारथी! शीघ्र बताओ कि कौन-कौन से बाण शेष हैं, कितने हजार और कितने सौ?॥15॥ | mahabharat अध्याय 8.76: भीमसेनका अपने सारथि विशोकसे संवाद । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सर्वांस्तूणान् सायकानामवेक्ष्य
किं शिष्टं स्यात् सायकानां रथे मे।
का वा जाति: किं प्रमाणं च तेषां
ज्ञात्वा व्यक्तं तत् समाचक्ष्व सूत॥ १५॥
(कति वा सहस्राणि कति वा शतानि
ह्याचक्ष्व मे सारथे क्षिप्रमेव॥
अनुवाद
सूत! तुम मेरे रथ पर रखे हुए बाणों के समस्त तरकशों को अच्छी तरह देखो और उन्हें भली-भाँति समझकर मुझे बताओ कि अब उनमें कितने बाण शेष हैं? किस-किस प्रकार के बाण शेष हैं और उनकी संख्या कितनी है? सारथी! शीघ्र बताओ कि कौन-कौन से बाण शेष हैं, कितने हजार और कितने सौ?॥15॥
Suta! You take a good look at all the quivers of arrows kept on my chariot and after understanding them clearly tell me how many arrows are left in them now? Which types of arrows are left and what is their number? Charioteer! Tell me quickly, which arrows are left, how many thousand and how many hundred?'॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥