Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.75.17: जिस प्रकार आषाढ़ मास में मध्याह्न का सूर्य अत्यन्त प्रचण्ड होता है, उसी प्रकार वायुपुत्र भीमसेन ने स्वर्ण कवच धारण करके अपने तीखे बाणों द्वारा आपके पुत्रों की सेना को महान् कष्ट पहुँचाना आरम्भ कर दिया। | mahabharat अध्याय 8.75: दोनों पक्षोंकी सेनाओंमें द्वन्द्वयुद्ध तथा सुषेणका वध । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिस प्रकार आषाढ़ मास में मध्याह्न का सूर्य अत्यन्त प्रचण्ड होता है, उसी प्रकार वायुपुत्र भीमसेन ने स्वर्ण कवच धारण करके अपने तीखे बाणों द्वारा आपके पुत्रों की सेना को महान् कष्ट पहुँचाना आरम्भ कर दिया।
Just as the noonday sun in the month of Ashadh is extremely hot, similarly Vayu's son Bhimasena, wearing a golden armour, started causing great trouble to your sons' army with his sharp arrows.
इति श्रीमहाभारते कर्णपर्वणि संकुलद्वन्द्वयुद्धे पञ्चसप्ततितमोऽध्याय:॥ ७५॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत कर्णपर्वमें संकुलद्वन्द्वयुद्धविषयक पचहत्तरवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ७५॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥