Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.75.10: नकुल के पुत्र शतानीक ने कर्ण के युवा पुत्र वृषसेन को अपने बाणों की वर्षा से घायल कर दिया। और वीर कर्ण के पुत्र वृषसेन ने भी पांचाली के पुत्र शतानीक पर अनेक बाणों की वर्षा करके उसे गहरी चोट पहुँचाई। | mahabharat अध्याय 8.75: दोनों पक्षोंकी सेनाओंमें द्वन्द्वयुद्ध तथा सुषेणका वध । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नकुल के पुत्र शतानीक ने कर्ण के युवा पुत्र वृषसेन को अपने बाणों की वर्षा से घायल कर दिया। और वीर कर्ण के पुत्र वृषसेन ने भी पांचाली के पुत्र शतानीक पर अनेक बाणों की वर्षा करके उसे गहरी चोट पहुँचाई।
The young Shatanika, son of Nakula, wounded Karna's young son Vrishasena with a shower of his arrows. And the valiant Karna's son Vrishasena also showered many arrows on Panchali's son Shatanika inflicting deep injuries on him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥