श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 74: अर्जुनके वीरोचित उद्‍गार  »  श्लोक 52-53h
 
 
श्लोक  8.74.52-53h 
अद्य पश्यन्तु संग्रामे धनंजयममर्षणम्॥ ५२॥
युध्यन्तं कौरवान् संख्ये घातयन्तं च सूतजम्।
 
 
अनुवाद
‘आज सभी सैनिक देखें कि किस प्रकार क्रोधित धनंजय कौरवों के साथ युद्ध करते हैं और युद्धभूमि में सारथी पुत्र कर्ण का वध करते हैं।
 
‘Today all the soldiers should see how the angry Dhananjaya fights with the Kauravas and kills the son of a charioteer, Karna, on the battlefield.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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