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mahabharat 8.74.47-48h: हे कृष्ण! जिस प्रकार इन्द्र ने शम्बरासुर का वध किया था, उसी प्रकार आज मैं युद्धभूमि में कर्ण का वध करके पिछले तेरह वर्षों से संचित समस्त शोक का परित्याग कर दूँगा।   |   mahabharat अध्याय 8.74: अर्जुनके वीरोचित उद्‍गार   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 74: अर्जुनके वीरोचित उद्‍गार  »  श्लोक 47-48h
 
 
श्लोक  8.74.47-48h 
अद्य दु:खमहं मोक्ष्ये त्रयोदशसमार्जितम्॥ ४७॥
हत्वा कर्णं रणे कृष्ण शम्बरं मघवानिव।
 
 
अनुवाद
हे कृष्ण! जिस प्रकार इन्द्र ने शम्बरासुर का वध किया था, उसी प्रकार आज मैं युद्धभूमि में कर्ण का वध करके पिछले तेरह वर्षों से संचित समस्त शोक का परित्याग कर दूँगा।
 
Lord Krishna! Just like Indra killed Shambarasur, similarly, by killing Karna on the battlefield, I will today give up all the sorrow that I have accumulated over the last thirteen years.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)