Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.74.31-32h: ‘मैं नाना प्रकार के बाणों द्वारा शत्रु सैनिकों को भयभीत कर दूँगा। मैं धनुष को कान तक खींचकर छोड़े गए यमराष्ट्रवर्धक बाणों द्वारा रथों और हाथियों को नष्ट करके युद्धभूमि की शोभा बढ़ाऊँगा।॥31 1/2॥ | mahabharat अध्याय 8.74: अर्जुनके वीरोचित उद्गार । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘मैं नाना प्रकार के बाणों द्वारा शत्रु सैनिकों को भयभीत कर दूँगा। मैं धनुष को कान तक खींचकर छोड़े गए यमराष्ट्रवर्धक बाणों द्वारा रथों और हाथियों को नष्ट करके युद्धभूमि की शोभा बढ़ाऊँगा।॥31 1/2॥
‘I will frighten the enemy soldiers by shooting various kinds of arrows. I will enhance the beauty of the battlefield by destroying chariots and elephants with the Yamarashtravardhak arrows shot by stretching the bow till the ear.॥ 31 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥