Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.73.99-100: हे पूजनीय पुरुषों का आदर करने वाले पार्थ! यदि आप सारथिपुत्र वृषसेन को उसके सामने बाणों से मारकर अपनी प्रतिज्ञा पूरी करेंगे, तो वह दुष्टबुद्धि कर्ण अपने प्रिय पुत्र को मारा हुआ देखकर द्रोणाचार्य, भीष्म और विदुरजी के वचनों को याद करेगा। | mahabharat अध्याय 8.73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे पूजनीय पुरुषों का आदर करने वाले पार्थ! यदि आप सारथिपुत्र वृषसेन को उसके सामने बाणों से मारकर अपनी प्रतिज्ञा पूरी करेंगे, तो वह दुष्टबुद्धि कर्ण अपने प्रिय पुत्र को मारा हुआ देखकर द्रोणाचार्य, भीष्म और विदुरजी के वचनों को याद करेगा।
Parth, who gives respect to honourable men! If you fulfil your promise by killing Vrishasena, the son of a charioteer, with arrows in front of him, then that evil-minded Karna, on seeing his beloved son killed, will remember the words of Dronacharya, Bhishma and Vidurji.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥