श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना  »  श्लोक 97
 
 
श्लोक  8.73.97 
हस्तिकक्षो महानस्य भल्लेनोन्मथितस्त्वया।
प्रकम्पमान: पततु भूमावाधिरथेर्ध्वज:॥ ९७॥
 
 
अनुवाद
आज हाथी की रस्सी के समान चिह्न वाला अधिरथपुत्र कर्ण का विशाल ध्वज आपके भाले से कटकर काँपता हुआ पृथ्वी पर गिर पड़ा है॥ 97॥
 
Today, the huge flag of Karna, son of Adhiratha, bearing the mark of an elephant's rope, has been cut by your spear and fell trembling on the earth.॥ 97॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)