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mahabharat 8.73.90-91h: आज आपके द्वारा छोड़ा गया और चट्टान पर अंकित किया गया, सोने से बना प्राण-घातक बाण पापी कर्ण के उन शब्दों का उत्तर दे और उसे सदा के लिए चुप करा दे।   |   mahabharat अध्याय 8.73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना  »  श्लोक 90-91h
 
 
श्लोक  8.73.90-91h 
अद्य पापस्य तद् वाक्यं सुवर्णविकृता: शरा:॥ ९०॥
शमयन्तु शिलाधौतास्त्वयास्ता जीवितच्छिद:।
 
 
अनुवाद
आज आपके द्वारा छोड़ा गया और चट्टान पर अंकित किया गया, सोने से बना प्राण-घातक बाण पापी कर्ण के उन शब्दों का उत्तर दे और उसे सदा के लिए चुप करा दे।
 
May the life-threatening arrow made of gold, shot by you today and cleaned on the rock, answer those words of the sinner Karna and silence him forever.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)