Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.73.86: हे पांचाल की सुन्दर राजकुमारी! अब तुम दासों की पत्नी और स्वयं दासी हो। आज एकमात्र राजा दुर्योधन को सम्पूर्ण जगत का स्वामी मान लिया गया है। 86। | mahabharat अध्याय 8.73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दासभार्या च पाञ्चालि स्वयं दासी च शोभने।
अद्य दुर्योधनो ह्येक: पृथिव्यां नृपति: स्मृत:॥ ८६॥
अनुवाद
हे पांचाल की सुन्दर राजकुमारी! अब तुम दासों की पत्नी और स्वयं दासी हो। आज एकमात्र राजा दुर्योधन को सम्पूर्ण जगत का स्वामी मान लिया गया है। 86।
Beautiful princess of Panchala! Now you are the wife of slaves and a slave yourself. Today the only king Duryodhana has been accepted as the master of the whole world. 86.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥