श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना  »  श्लोक 81-82h
 
 
श्लोक  8.73.81-82h 
तस्मिन् विनिहते वीरे सर्वेषां दु:खमाविशत्॥ ८१॥
प्राहसत् स तु दुष्टात्मा कर्ण: स च सुयोधन:।
 
 
अनुवाद
उस वीर के इस प्रकार मारे जाने पर प्रायः सभी लोग अत्यन्त दुःखी हुए। केवल दुष्ट कर्ण और दुर्योधन ही जोर-जोर से हँसे।'
 
‘Almost everyone was very sad when that brave man was killed in this manner. Only the evil-minded Karna and Duryodhan laughed loudly. 81 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)