श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  8.73.8 
शक्तस्त्वं हि रणे जेतुं ससुरासुरमानुषान्।
त्रील्‍ँलोकान् समरे युक्तान् किं पुन: कौरवं बलम्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
आप युद्ध के लिए तैयार होकर आए हुए तीनों लोकों के देवताओं, दानवों और मनुष्यों को रणभूमि में परास्त कर सकते हैं; फिर कौरव सेना का क्या होगा?॥8॥
 
You can defeat the gods, demons and humans of all the three worlds, who have come prepared for the war, on the battlefield; then what about the Kaurava army?॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)