vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 8: कर्ण पर्व
»
अध्याय 73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना
»
श्लोक 70-71h
श्लोक
8.73.70-71h
यच्च युष्मासु पापं वै धार्तराष्ट्र: प्रयुक्तवान्॥ ७०॥
तत्र सर्वत्र दुष्टात्मा कर्ण: पापमतिर्मुखम्।
अनुवाद
दुर्योधन ने आपके विरुद्ध जो भी पाप किये हैं, उनके पीछे दुष्ट कर्ण ही मुख्य कारण है।
The evil-minded Karna is the main reason behind all the sinful acts that Duryodhana has committed against you.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×