Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.73.67-68h: कुन्तीनन्दन! आपके बल को जानते हुए भी दुर्योधन ने कर्ण पर भरोसा करके आपके विरुद्ध युद्ध करने का निश्चय किया है।   |   mahabharat अध्याय 8.73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना  »  श्लोक 67-68h
 
 
श्लोक  8.73.67-68h 
कर्णमाश्रित्य कौन्तेय धार्तराष्ट्रेण विग्रह:॥ ६७॥
रोचितो भवता सार्धं जानतापि बलं तव।
 
 
अनुवाद
कुन्तीनन्दन! आपके बल को जानते हुए भी दुर्योधन ने कर्ण पर भरोसा करके आपके विरुद्ध युद्ध करने का निश्चय किया है।
 
Kuntinandan! Even after knowing your strength, Duryodhan has chosen to wage war against you trusting in Karna. 67 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)