श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना  »  श्लोक 64-65h
 
 
श्लोक  8.73.64-65h 
दहने यत् सपुत्राया निशि मातुस्तवानघ।
द्यूतार्थे यच्च युष्मासु प्रावर्तत सुयोधन:॥ ६४॥
तस्य सर्वस्य दुष्टात्मा कर्णो वै मूलमित्युत।
 
 
अनुवाद
हे भोले अर्जुन! यह दुष्टात्मा कर्ण ही दुर्योधन द्वारा रचे गए समस्त षडयंत्रों का मूल कारण था, जिसमें उसने तुम्हारी माता कुन्ती को उसके पुत्र सहित रात्रि में जलाकर तुम सबके साथ जुआ खेलने का षडयंत्र रचा था।
 
Innocent Arjun! This evil-souled Karna was the root cause of all the conspiracies hatched by Duryodhan to burn your mother Kunti along with her son at night and to gamble with all of you.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)