श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  8.73.6 
पाञ्चालै: पाण्डवैर्मत्स्यै: कारूषैश्चेदिभि: सह।
त्वया गुप्तैरमित्रघ्नै: कृत: शत्रुगणक्षय:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
आपसे सुरक्षित होकर इन पाण्डवों, पांचालों, मत्स्यों, करुषों और चेदिदेशी शत्रुसंहारक वीरों ने शत्रु समूहों का नाश कर दिया है॥6॥
 
Protected by you, these Pandavas, Panchalas, Matsyas, Karushas and Chedi-deshi enemy-killing heroes have destroyed the enemy groups. 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)