श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना  »  श्लोक 58
 
 
श्लोक  8.73.58 
अद्य मोदन्तु पञ्चाला निहतेष्वरिषु त्वया।
विष्णुना निहतेष्वेव दानवेयेषु देवता:॥ ५८॥
 
 
अनुवाद
जैसे भगवान विष्णु द्वारा दैत्यों का संहार करने पर देवता प्रसन्न होते हैं, वैसे ही आज जब तुम्हारे द्वारा शत्रुओं का संहार हो जाएगा, तब समस्त पांचालवासी प्रसन्न होंगे॥58॥
 
Just as the gods rejoice when Lord Vishnu kills the demons, similarly, today all of Panchala will rejoice when your enemies have been killed by you. ॥ 58॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)