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mahabharat 8.73.55-56h: हे व्याघ्र! आज इन पाँच महारथियों को मारकर तुम शत्रुरहित हो जाओगे। द्वीपों और नगरों सहित यह सम्पूर्ण पृथ्वी राजा युधिष्ठिर को दे दो। ॥55 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 8.73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना  »  श्लोक 55-56h
 
 
श्लोक  8.73.55-56h 
तांस्त्वमद्य नरव्याघ्र हत्वा पञ्च महारथान्॥ ५५॥
हतामित्र: प्रयच्छोर्वीं राज्ञे सद्वीपपत्तनाम्।
 
 
अनुवाद
हे व्याघ्र! आज इन पाँच महारथियों को मारकर तुम शत्रुरहित हो जाओगे। द्वीपों और नगरों सहित यह सम्पूर्ण पृथ्वी राजा युधिष्ठिर को दे दो। ॥55 1/2॥
 
Man-tiger! Today, having killed these five great warriors, you will become enemy-free. Give this entire earth, including the islands and cities, to King Yudhishthira. ॥ 55 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)