Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.73.45-46h: उस समय यदि आपने युद्धस्थल में सूतपुत्र आदि महारथियों को न रोका होता, तो द्रोणाचार्य का युद्धस्थल में नाश न होता। | mahabharat अध्याय 8.73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि वाद्य भवान् युद्धे सूतपुत्रमुखान् रथान्॥ ४५॥
नावारयिष्य: संग्रामे न स्म द्रोणो व्यनङ्क्ष्यत।
अनुवाद
उस समय यदि आपने युद्धस्थल में सूतपुत्र आदि महारथियों को न रोका होता, तो द्रोणाचार्य का युद्धस्थल में नाश न होता।
At that time, if you had not stopped the charioteers like Sutaputra etc. in the battlefield, Dronacharya would not have been destroyed in the battlefield.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥