Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.73.37-39h: ‘हजारों पैदल सैनिकों से युक्त तथा हाथों में श्रेष्ठ अस्त्र-शस्त्र धारण किए हुए, संजय आदि राजागण युद्धभूमि में विचरण करते हुए तथा सूर्यदेव के समान तेज बिखेरते हुए भीष्म की ओर देख भी नहीं पा रहे थे।’ उस समय पाण्डव योद्धाओं ने अपनी पूरी शक्ति लगाकर युद्धभूमि में विचरण करते हुए तथा विजय से प्रसन्न होकर भीष्म पर बड़े जोर से आक्रमण किया। | mahabharat अध्याय 8.73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तथा चरन्तं समरे तपन्तमिव भास्करम्।
पदातिकोटिसाहस्रा: प्रवरायुधपाणय:॥ ३७॥
न शेकु: सृञ्जया द्रष्टुं तथैवान्ये महीक्षित:।
विचरन्तं तथा तं तु संग्रामे जितकाशिनम्॥ ३८॥
सर्वोद्यमेन महता पाण्डवा: समभिद्रवन्।
अनुवाद
‘हजारों पैदल सैनिकों से युक्त तथा हाथों में श्रेष्ठ अस्त्र-शस्त्र धारण किए हुए, संजय आदि राजागण युद्धभूमि में विचरण करते हुए तथा सूर्यदेव के समान तेज बिखेरते हुए भीष्म की ओर देख भी नहीं पा रहे थे।’ उस समय पाण्डव योद्धाओं ने अपनी पूरी शक्ति लगाकर युद्धभूमि में विचरण करते हुए तथा विजय से प्रसन्न होकर भीष्म पर बड़े जोर से आक्रमण किया।
‘Countries of thousands of foot soldiers and armed with the best weapons in their hands, Sanjaya and other kings were not even able to look at Bhishma who was roaming in the battlefield and was radiating heat like the Sun God. At that time, the Pandava warriors used all their might and attacked Bhishma with great force while he was roaming in the battlefield and was elated with victory.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥