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mahabharat 8.73.34-35h: उन्होंने युद्धभूमि में भगवान रुद्र और भगवान विष्णु के समान अपना भयंकर रूप प्रदर्शित किया और पांडव सेनाओं का बलपूर्वक विनाश कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 8.73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना  »  श्लोक 34-35h
 
 
श्लोक  8.73.34-35h 
दर्शयित्वाऽऽत्मनो रूपं रुद्रोपेन्द्रसमं युधि॥ ३४॥
पाण्डवानामनीकानि प्रगृह्यासौ व्यशातयत्।
 
 
अनुवाद
उन्होंने युद्धभूमि में भगवान रुद्र और भगवान विष्णु के समान अपना भयंकर रूप प्रदर्शित किया और पांडव सेनाओं का बलपूर्वक विनाश कर दिया।
 
He displayed his fearsome form on the battlefield, like that of Lord Rudra and Lord Vishnu, and forcefully destroyed the Pandava armies.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)