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mahabharat 8.73.33-34h: भीष्म ने लगातार दस दिनों तक आपकी सेना का संहार करके असंख्य रथों के आसन खाली कर दिये तथा अनेक हाथी और घोड़ों को मार डाला।   |   mahabharat अध्याय 8.73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना  »  श्लोक 33-34h
 
 
श्लोक  8.73.33-34h 
दिनानि दश भीष्मेण निघ्नता तावकं बलम्॥ ३३॥
शून्या: कृता रथोपस्था हताश्च गजवाजिन:।
 
 
अनुवाद
भीष्म ने लगातार दस दिनों तक आपकी सेना का संहार करके असंख्य रथों के आसन खाली कर दिये तथा अनेक हाथी और घोड़ों को मार डाला।
 
Bhishma, after destroying your army for ten consecutive days, made the seats of innumerable chariots empty and killed many elephants and horses.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)