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mahabharat 8.73.25-26: तत्पश्चात् भीमसेन ने अपनी गदा के प्रहार से राजा जयत्सेन के दस हजार हाथियों को, जो चारों ओर से उन्हें घेरे हुए थे और भयंकर कर्म कर रहे थे, नष्ट कर दिया। तत्पश्चात् और भी बहुत से हाथियों और सैकड़ों रथों को भी उन्होंने बलपूर्वक नष्ट कर दिया॥ 25-26॥   |   mahabharat अध्याय 8.73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना  »  श्लोक 25-26
 
 
श्लोक  8.73.25-26 
ततो दशसहस्राणि गजानां भीमकर्मणाम्॥ २५॥
जघान गदया भीमस्तस्य राज्ञ: परिच्छदम्।
ततोऽन्येऽभिहता नागा रथाश्च शतशो बलात्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् भीमसेन ने अपनी गदा के प्रहार से राजा जयत्सेन के दस हजार हाथियों को, जो चारों ओर से उन्हें घेरे हुए थे और भयंकर कर्म कर रहे थे, नष्ट कर दिया। तत्पश्चात् और भी बहुत से हाथियों और सैकड़ों रथों को भी उन्होंने बलपूर्वक नष्ट कर दिया॥ 25-26॥
 
‘Thereafter Bhimasena destroyed with the blow of his mace ten thousand elephants of King Jayatsena who were surrounding him on all sides, who were committing terrible deeds. Thereafter many more elephants and hundreds of chariots were destroyed by him with force.॥ 25-26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)