श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना  »  श्लोक 23-24h
 
 
श्लोक  8.73.23-24h 
तत् सागरमिवोद्धूतं रजसा संवृतं बलम्॥ २३॥
विदार्य पाण्डवै: क्रुद्धैस्त्वया गुप्तैर्हतं विभो।
 
 
अनुवाद
हे प्रभु! आपके संरक्षण में ही क्रुद्ध पाण्डव योद्धाओं ने धूल से आच्छादित और समुद्र के समान उमड़ती हुई कौरव सेना का विनाश और संहार किया॥ 23 1/2॥
 
O Lord! It is only under your protection that the enraged Pandava warriors destroyed and killed the Kaurava army, which was covered in dust and swelled like the ocean.॥ 23 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)