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mahabharat 8.73.22-23h: यदि आप रक्षक न होते तो पंक्तिबद्ध खड़ी हुई धृतराष्ट्रपुत्रों की विशाल एवं बलवान सेना पर कौन आक्रमण कर सकता था?॥22 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 8.73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना  »  श्लोक 22-23h
 
 
श्लोक  8.73.22-23h 
धार्तराष्ट्रमुदग्रं हि व्यूढं दृष्ट्वा महद् बलम्॥ २२॥
यदि त्वं न भवेस्त्राता प्रतीयात् को नु मानव:।
 
 
अनुवाद
यदि आप रक्षक न होते तो पंक्तिबद्ध खड़ी हुई धृतराष्ट्रपुत्रों की विशाल एवं बलवान सेना पर कौन आक्रमण कर सकता था?॥22 1/2॥
 
‘If you were not the protector then who could have attacked the huge and powerful army of the sons of Dhritarashtra standing in formation?॥ 22 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)