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mahabharat 8.73.19-22h: तुषार, यवन, खस, दर्वभिषर, दारद, शक, मथार, तंगण, आन्ध्र, पुलिन्द, किरात, म्लेच्छ, पर्वतीय और समुद्रतटीय क्षेत्रों के भयंकर स्वभाव वाले, भयंकर पराक्रमी और दुर्दांत योद्धा, युद्ध में कुशल, क्रोध से भरे हुए, बलवान और हाथों में गदा लिए हुए, क्रोध में भरे हुए कौरव सैनिकों सहित दुर्योधन की सहायता के लिए आये हैं; आप ही शत्रुओं को संताप देने वाले हैं! आपके अतिरिक्त उन्हें कोई नहीं हरा सकता।॥19-21 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 8.73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना  »  श्लोक 19-22h
 
 
श्लोक  8.73.19-22h 
उग्राश्च भीमकर्माणस्तुषारा यवना: खशा:।
दार्वाभिसारा दरदा: शका माठरतङ्गणा:॥ १९॥
आन्ध्रकाश्च पुलिन्दाश्च किराताश्चोग्रविक्रमा:।
म्लेच्छाश्च पर्वतीयाश्च सागरानूपवासिन:॥ २०॥
संरम्भिणो युद्धशौण्डा बलिनो दण्डपाणय:।
एते सुयोधनस्यार्थे संरब्धा: कुरुभि: सह॥ २१॥
न शक्या युधि निर्जेतुं त्वदन्येन परंतप।
 
 
अनुवाद
तुषार, यवन, खस, दर्वभिषर, दारद, शक, मथार, तंगण, आन्ध्र, पुलिन्द, किरात, म्लेच्छ, पर्वतीय और समुद्रतटीय क्षेत्रों के भयंकर स्वभाव वाले, भयंकर पराक्रमी और दुर्दांत योद्धा, युद्ध में कुशल, क्रोध से भरे हुए, बलवान और हाथों में गदा लिए हुए, क्रोध में भरे हुए कौरव सैनिकों सहित दुर्योधन की सहायता के लिए आये हैं; आप ही शत्रुओं को संताप देने वाले हैं! आपके अतिरिक्त उन्हें कोई नहीं हरा सकता।॥19-21 1/2॥
 
The fierce-natured, fierce-valoured and dreadful warriors of Tushara, Yavana, Khas, Darvabhisara, Darada, Shak, Mathara, Tangana, Andhra, Pulinda, Kirata, Mleccha, mountainous and sea-coastal warriors, skilled in warfare, full of fury, strong and carrying clubs in their hands, have come to help Duryodhana along with the Kaurava soldiers, filled with rage; you are the one who torments the enemies! No one else can defeat them except you.॥ 19–21 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)