Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.73.17-18: भरत! गो, दशमी, वसति, प्राच्य, वटधान और भोजदेश के अभिमानी योद्धा तथा क्षत्रियों की सारी सेना, जिसमें बहुत से अभिमानी घोड़े और मदमस्त हाथी थे, आपके और भीमसेन के पास पहुँचकर नष्ट हो गई॥ 17-18॥ | mahabharat अध्याय 8.73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
गोवासदासमीयानां वसातीनां च भारत।
प्राच्यानां वाटधानानां भोजानां चाभिमानिनाम्॥ १७॥
उदीर्णाश्वगजा सेना सर्वक्षत्रस्य भारत।
त्वां समासाद्य निधनं गता भीमं च भारत॥ १८॥
अनुवाद
भरत! गो, दशमी, वसति, प्राच्य, वटधान और भोजदेश के अभिमानी योद्धा तथा क्षत्रियों की सारी सेना, जिसमें बहुत से अभिमानी घोड़े और मदमस्त हाथी थे, आपके और भीमसेन के पास पहुँचकर नष्ट हो गई॥ 17-18॥
Bharata! The proud warriors of Goa, Dasami, Vasati, Prachya, Vatdhan and Bhojdesh and the entire army of Kshatriyas, which had a large number of arrogant horses and mad elephants, got destroyed on reaching you and Bhimasena.॥ 17-18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥