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mahabharat 8.73.123: नरश्रेष्ठ! पार्थ! आज अपनी प्रतिज्ञा के अनुसार तीखे बाणों से कर्ण को मार डालो और उज्ज्वल यश प्राप्त करो।   |   mahabharat अध्याय 8.73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना  »  श्लोक 123
 
 
श्लोक  8.73.123 
तमद्य निशितैर्बाणैर्विनिहत्य नरर्षभ।
यथाप्रतिज्ञं पार्थ त्वं कृत्वा कीर्तिमवाप्नुहि॥ १२३॥
 
 
अनुवाद
नरश्रेष्ठ! पार्थ! आज अपनी प्रतिज्ञा के अनुसार तीखे बाणों से कर्ण को मार डालो और उज्ज्वल यश प्राप्त करो।
 
Narshrestha! Parth! Today, as per your promise, kill Karna with sharp arrows and attain bright fame.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)