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mahabharat 8.73.122: तुम्हारे सिवा मुझे युधिष्ठिर की सेना में कोई दूसरा योद्धा नहीं दिखाई देता जो राधापुत्र कर्ण का सामना करके सकुशल घर लौट सके॥122॥   |   mahabharat अध्याय 8.73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना  »  श्लोक 122
 
 
श्लोक  8.73.122 
नान्यं त्वत्तो हि पश्यामि योधं यौधिष्ठिरे बले।
य: समासाद्य राधेयं स्वस्तिमानाव्रजेद् गृहम्॥ १२२॥
 
 
अनुवाद
तुम्हारे सिवा मुझे युधिष्ठिर की सेना में कोई दूसरा योद्धा नहीं दिखाई देता जो राधापुत्र कर्ण का सामना करके सकुशल घर लौट सके॥122॥
 
Except you, I do not see any other warrior in Yudhishthira's army who can face Radha's son Karna and return home safely.॥ 122॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)