Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.73.103-104: अर्जुन! आपको जानना चाहिए कि पंचालयोद्धा, द्रौपदी के पुत्र, धृष्टद्युम्न, शिखंडी, धृष्टद्युम्न के पुत्र, नकुल-कुमार शतानीक, नकुल-सहदेव, दुर्मुख, जन्मेजय, सुधर्मा और सात्यकि - ये सभी कर्ण के वश में हो गये हैं। | mahabharat अध्याय 8.73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पञ्चालान् द्रौपदेयांश्च धृष्टद्युम्नशिखण्डिनौ।
धृष्टद्युम्नतनूजांश्च शतानीकं च नाकुलिम्॥ १०३॥
नकुलं सहदेवं च दुर्मुखं जनमेजयम्।
सुधर्माणं सात्यकिं च विद्धि कर्णवशं गतान्॥ १०४॥
अनुवाद
अर्जुन! आपको जानना चाहिए कि पंचालयोद्धा, द्रौपदी के पुत्र, धृष्टद्युम्न, शिखंडी, धृष्टद्युम्न के पुत्र, नकुल-कुमार शतानीक, नकुल-सहदेव, दुर्मुख, जन्मेजय, सुधर्मा और सात्यकि - ये सभी कर्ण के वश में हो गये हैं।
Arjun! You should know that Panchalayoddha, Draupadi's sons, Dhrishtadyumna, Shikhandi, Dhrishtadyumna's sons, Nakul-Kumar Shatanika, Nakul-Sahdev, Durmukh, Janmejaya, Sudharma and Satyaki - all of them have fallen under the control of Karna.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥