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mahabharat 8.73.101: तब यह देखकर कि आज अधिरथपुत्र कर्ण आपके द्वारा मारा गया है, आपका शत्रु दुर्योधन अपने जीवन और राज्य दोनों से निराश हो जाए ॥101॥   |   mahabharat अध्याय 8.73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 73: भीष्म और द्रोणके पराक्रमका वर्णन करते हुए अर्जुनके बलकी प्रशंसा करके श्रीकृष्णका कर्ण और दुर्योधनके अन्यायकी याद दिलाकर अर्जुनको कर्णवधके लिये उत्तेजित करना  »  श्लोक 101
 
 
श्लोक  8.73.101 
तत: सुयोधनो दृष्ट्वा हतमाधिरथिं त्वया।
निराशो जीविते त्वद्य राज्ये चैव भवत्वरि:॥ १०१॥
 
 
अनुवाद
तब यह देखकर कि आज अधिरथपुत्र कर्ण आपके द्वारा मारा गया है, आपका शत्रु दुर्योधन अपने जीवन और राज्य दोनों से निराश हो जाए ॥101॥
 
Then, seeing that Adhiratha's son Karna has been killed by you today, may your enemy Duryodhana despair of both his life and his kingdom. 101॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)