Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.72.7-8: महामनस्वी दारुक द्वारा खींचे जाने वाले उस रथ को देखकर अर्जुन धर्मराज से अनुमति लेकर तथा ब्राह्मणों से शुभ मन्त्र पढ़वाकर कल्याण के आश्रय स्वरूप उस उत्तम रथ पर आरूढ़ हुए। | mahabharat अध्याय 8.72: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी रणयात्रा, मार्गमें शुभ शकुन तथा श्रीकृष्णका अर्जुनको प्रोत्साहन देना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महामनस्वी दारुक द्वारा खींचे जाने वाले उस रथ को देखकर अर्जुन धर्मराज से अनुमति लेकर तथा ब्राह्मणों से शुभ मन्त्र पढ़वाकर कल्याण के आश्रय स्वरूप उस उत्तम रथ पर आरूढ़ हुए।
Seeing that chariot drawn by the great-minded Daruk, Arjuna, after taking permission from Dharmaraja and having the Brahmins recite the auspicious mantras, mounted on that excellent chariot that was the shelter of welfare.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥