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mahabharat 8.72.6-7h: श्रेष्ठ! श्रीकृष्ण के ऐसा आदेश देने पर दारुक ने व्याघ्रचर्म से मढ़ा हुआ तथा शत्रुओं को जोतकर उनका संहार करने वाला रथ तैयार किया और महाबली पाण्डुकुमार अर्जुन के पास आकर निवेदन किया कि 'आपका रथ सम्पूर्ण सामग्रियों से सुसज्जित है।' ॥6 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 8.72: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी रणयात्रा, मार्गमें शुभ शकुन तथा श्रीकृष्णका अर्जुनको प्रोत्साहन देना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 72: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी रणयात्रा, मार्गमें शुभ शकुन तथा श्रीकृष्णका अर्जुनको प्रोत्साहन देना  »  श्लोक 6-7h
 
 
श्लोक  8.72.6-7h 
आज्ञप्तस्त्वथ कृष्णेन दारुको राजसत्तम।
योजयामास स रथं वैयाघ्रं शत्रुतापनम्॥ ६॥
सज्जं निवेदयामास पाण्डवस्य महात्मन:।
 
 
अनुवाद
श्रेष्ठ! श्रीकृष्ण के ऐसा आदेश देने पर दारुक ने व्याघ्रचर्म से मढ़ा हुआ तथा शत्रुओं को जोतकर उनका संहार करने वाला रथ तैयार किया और महाबली पाण्डुकुमार अर्जुन के पास आकर निवेदन किया कि 'आपका रथ सम्पूर्ण सामग्रियों से सुसज्जित है।' ॥6 1/2॥
 
The best! On giving such orders of Shri Krishna, Daruka prepared the chariot covered with tiger skin and which would slay the enemies by plowing it and came to the great Pandukumar Arjun and requested that 'Your chariot is equipped with all the materials'. 6 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)