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mahabharat 8.72.38: अर्जुन! कर्ण पुरुषों में सिंह के समान है, तलवार उसकी जीभ है, धनुष उसका खुला हुआ मुख है, बाण उसके दाँत हैं, वह अत्यंत शक्तिशाली और अभिमानी है। तुम उसका वध करो।   |   mahabharat अध्याय 8.72: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी रणयात्रा, मार्गमें शुभ शकुन तथा श्रीकृष्णका अर्जुनको प्रोत्साहन देना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 72: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी रणयात्रा, मार्गमें शुभ शकुन तथा श्रीकृष्णका अर्जुनको प्रोत्साहन देना  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  8.72.38 
खड्गजिह्वं धनुरास्यं शरदंष्ट्रं तरस्विनम्।
दृप्तं पुरुषशार्दूलं जहि कर्णं धनंजय॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन! कर्ण पुरुषों में सिंह के समान है, तलवार उसकी जीभ है, धनुष उसका खुला हुआ मुख है, बाण उसके दाँत हैं, वह अत्यंत शक्तिशाली और अभिमानी है। तुम उसका वध करो।
 
Arjuna! Karna is like a lion among men, the sword is his tongue, the bow is his open mouth, the arrows are his teeth, he is extremely powerful and proud. You kill him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)