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mahabharat 8.72.32: मैं समझता हूँ कि राधापुत्र कर्ण तुम्हारे अतिरिक्त इन्द्र सहित समस्त देवताओं के लिए भी अजेय है; अतः तुम्हें आज ही उस सारथीपुत्र का वध करना चाहिए।   |   mahabharat अध्याय 8.72: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी रणयात्रा, मार्गमें शुभ शकुन तथा श्रीकृष्णका अर्जुनको प्रोत्साहन देना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 72: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी रणयात्रा, मार्गमें शुभ शकुन तथा श्रीकृष्णका अर्जुनको प्रोत्साहन देना  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  8.72.32 
सर्वैरवध्यो राधेयो देवैरपि सवासवै:।
ऋते त्वामिति मे बुद्धिस्तदद्य जहि सूतजम्॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
मैं समझता हूँ कि राधापुत्र कर्ण तुम्हारे अतिरिक्त इन्द्र सहित समस्त देवताओं के लिए भी अजेय है; अतः तुम्हें आज ही उस सारथीपुत्र का वध करना चाहिए।
 
I think that Radha's son Karna is invincible even for all the gods including Indra, except you; therefore, you must kill the son of a charioteer today.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)