vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 8: कर्ण पर्व
»
अध्याय 72: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी रणयात्रा, मार्गमें शुभ शकुन तथा श्रीकृष्णका अर्जुनको प्रोत्साहन देना
»
श्लोक 29
श्लोक
8.72.29
तेजसा वह्निसदृशो वायुवेगसमो जवे।
अन्तकप्रतिम: क्रोधे सिंहसंहननो बली॥ २९॥
अनुवाद
कर्ण तेज में अग्नि के समान, वेग में वायु के समान, क्रोध में यमराज के समान, शरीर में सिंह के समान दृढ़ और अत्यन्त बलवान है ॥29॥
Karna is like fire in brilliance, like the wind in speed, like Yamaraja in anger, strong like a lion in body and very strong. ॥ 29॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas