Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.72.24-25h: हे पार्थ! ब्रह्माजी ने ही सम्पूर्ण प्राणियों को उत्पन्न किया है और जिस विशाल गाण्डीव धनुष से तुम युद्ध करते हो, उसे भी उन्होंने ही बनाया है; अतः तुम्हारे समान कोई नहीं है॥24 1/2॥ | mahabharat अध्याय 8.72: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी रणयात्रा, मार्गमें शुभ शकुन तथा श्रीकृष्णका अर्जुनको प्रोत्साहन देना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्रह्मणा च प्रजा: सृष्ट्वा गाण्डीवं च महद् धनु:॥ २४॥
येन त्वं युध्यसे पार्थ तस्मान्नास्ति त्वया सम:।
अनुवाद
हे पार्थ! ब्रह्माजी ने ही सम्पूर्ण प्राणियों को उत्पन्न किया है और जिस विशाल गाण्डीव धनुष से तुम युद्ध करते हो, उसे भी उन्होंने ही बनाया है; अतः तुम्हारे समान कोई नहीं है॥24 1/2॥
O Partha, Brahmaji has created all the creatures and he has also created that huge bow Gandiva with which you fight; hence there is no one who can be your equal. ॥ 24 1/2 ॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥