Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.72.19-20: भगवान! आर्य! आपके समान कौन शूरवीर नहीं है, जो द्रोणाचार्य, भीष्म, भगदत्त, अवंती के राजकुमार विन्द और अनुविन्द, कम्बोज राजा सुदक्षिण, पराक्रमी श्रुतायु और अच्युतायु का सामना करके सुरक्षित रह सके। | mahabharat अध्याय 8.72: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी रणयात्रा, मार्गमें शुभ शकुन तथा श्रीकृष्णका अर्जुनको प्रोत्साहन देना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
को हि द्रोणं च भीष्मं च भगदत्तं च मारिष॥ १९॥
विन्दानुविन्दावावन्त्यौ काम्बोजं च सुदक्षिणम्।
श्रुतायुषं महावीर्यमच्युतायुषमेव च।
प्रत्युद्गम्य भवेत् क्षेमी यो न स्यात् त्वमिव प्रभो॥ २०॥
अनुवाद
भगवान! आर्य! आपके समान कौन शूरवीर नहीं है, जो द्रोणाचार्य, भीष्म, भगदत्त, अवंती के राजकुमार विन्द और अनुविन्द, कम्बोज राजा सुदक्षिण, पराक्रमी श्रुतायु और अच्युतायु का सामना करके सुरक्षित रह सके।
Lord! Arya! Who is not a brave man like you, who could remain safe after facing Dronacharya, Bhishma, Bhagadatta, Avanti's princes Vind and Anuvind, Kamboja king Sudakshin, the mighty Shrutayu and Achyutayu.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥